Source: "The Upanishads - A New Translation" by Swami Nikhilananda Invocation Om. May Brahman protect us both (the preceptor and the disciple)! May Brahman bestow upon us both the fruit of …
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Kena Upanishad 1.9 Hindi
यत् प्राणेन न प्राणिति येन प्राण: प्रणीयते।तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते॥9॥ यत्=जो; प्राणेन=प्राणके द्वारा; न प्राणिति=चेष्टायुक्त नहीं होता; [अपि …
Kena Upanishad 1.8 Hindi
यच्छ्रोत्रेण न शृणोति येन श्रोत्रमिदॸ श्रुतम्।तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते॥ 8॥ यत्=जिसको (कोई भी); श्रोत्रेण=श्रोत्रके द्वारा; न=नहीं; शृणोति=सुन सकता; …
Kena Upanishad 1.7 Hindi
यच्चक्षुषा न पश्यति येन चक्षूॸषि पश्यति।तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते॥ 7॥ यत्=जिसको (कोई भी); चक्षुषा=चक्षुके द्वारा; न=नहीं; पश्यति=देख सकता; [अपितु=बल्कि;] येन=जिससे; चक्षूंषि=चक्षु; …
Kena Upanishad 1.6 Hindi
यन्मनसा न मनुते येनाहुर्मनो मतम्।तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते॥6॥ यत्=जिसको; (कोई भी) मनसा=मनसे (अन्त:करणके द्वारा); न=नहीं; मनुते=समझ सकता; …
Kena Upanishad 1.5 Hindi
यद्वाचानभ्युदितं येन वागभ्युद्यते।तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते॥5॥ यत्=जो; वाचा=वाणीके द्वारा; अनभ्युदितम्=नहीं बतलाया गया है; [अपितु=बल्कि;] येन=जिससे; वाक्=वाणी; अभ्युद्यते=बोली जाती …