Source: "The Upanishads - A New Translation" by Swami Nikhilananda Invocation That is full; this is full. This fullness has been projected from that fullness. When this fullness merges in that …
Blog
Svetasvatara Upanishad 6.23 Hindi
यस्य देवे परा भक्तिर्यथा देवे तथा गुरौ।तस्यैते कथिता ह्यर्था: प्रकाशन्ते महात्मन:।प्रकाशन्ते महात्मन:॥ २३॥ यस्य=जिसकी; देवे=परमदेव परमेश्वरमें; परा=परम; भक्ति:=भक्ति है; …
Svetasvatara Upanishad 6.22 Hindi
वेदान्ते परमं गुह्यं पुराकल्पे प्रचोदितम्।नाप्रशान्ताय दातव्यं नापुत्रायाशिष्याय वा पुन:॥ २२॥ [इदम्]=यह; परमम्=परम; गुह्यम्=रहस्यमय ज्ञान; पुराकल्पे=पूर्वकल्पमें; वेदान्ते=वेदके …
Svetasvatara Upanishad 6.21 Hindi
तप:प्रभावाद् देवप्रसादाच्च ब्रह्मह श्वेताश्वतरोऽथ विद्वान्।अत्याश्रमिभ्य: परमं पवित्रंप्रोवाच सम्यगृषिसङ्घजुष्टम्॥ २१॥ ह=यह प्रसिद्ध है कि; श्वेताश्वतर:=श्वेताश्वतर नामक …
Svetasvatara Upanishad 6.19-20 Hindi
निष्कलं निष्क्रियॸ शान्तं निरवद्यं निरञ्जनम्।अमृतस्य परॸ सेतुं दग्धेन्धनमिवानलम्॥ १९॥ निष्कलम्=कलाओंसे रहित; निष्क्रियम्=क्रियारहित; शान्तम्=सर्वथा …
Continue Reading about Svetasvatara Upanishad 6.19-20 Hindi →
Svetasvatara Upanishad 6.18 Hindi
यो ब्रह्माणं विदधाति पूर्वंयो वै वेदांश्च प्रहिणोति तस्मै।तॸ ह देवमात्मबुद्धिप्रकाशंमुमुक्षुर्वै शरणमहं प्रपद्ये॥ १८॥ य:=जो परमेश्वर; वै=निश्चय ही; पूर्वम्=सबसे …