भगवान श्रीकृष्ण से अर्जुन पूछते हैं, “हे प्रभो, जो सतत युक्त हो तुम्हें भजता है, और जो अव्यक्त, निर्गुण का उपासक है, इन दोनों में कौन श्रेष्ठ है?”(१) श्रीभगवान कहते हैं, “हे अर्जुन, मुझमें मन को …
Continue Reading about भक्तियोग की स्वाभाविकता और उसका रहस्य – स्वामी विवेकानन्द →