भवाप्ययौ हि भूतानां श्रुतौ विस्तरशो मया।त्वत्त: कमलपत्राक्ष माहात्म्यमपि चाव्ययम्॥ भवाप्ययौ, हि, भूतानाम्, श्रुतौ, विस्तरश:, मया,त्वत्त:, कमलपत्राक्ष, माहात्म्यम्, अपि, च, अव्ययम्॥ २॥ हि = …
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BG 11.1 मदनुग्रहाय परमं
अर्जुन उवाचमदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसञ्ज्ञितम्।यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम॥ मदनुग्रहाय, परमम्, गुह्यम्, अध्यात्मसञ्ज्ञितम्,यत्, त्वया, उक्तम्, वच:, तेन, मोह:, अयम्, विगत:, मम॥ …
Swami Bhaskarananda Saraswati
कानपुरके पासके किसी गाँवमें सं० १८९० के आश्विन मासमें कान्यकुब्ज ब्राह्मण-परिवारमें श्रीभास्करानन्दजीका जन्म हुआ था। माता-पिताने उनका नाम मतिराम रखा था। यज्ञोपवीत-संस्कार होनेके बाद बारह वर्षकी …
Sri Ramakrishna on Servitude
Sri Ramakrishna on Karma
Sri Ramakrishna on Faith
Sri Ramakrishna Say — "One looks on God exactly according to one's own inner feeling. Take, for instance, a devotee with an excess of tamas. He thinks that the Divine Mother eats goat. So he …