Translated by K. Narayanasvami Aiyar Om! May my speech be based on (i.e. accord with) the mind;May my mind be based on speech.O Self-effulgent One, reveal Thyself to me.May you both (speech and …
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BG 3.35 श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः
श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात् ।स्वधर्मे निधनं श्रेयः परधर्मो भयावहः ॥35॥ श्रेयान्, स्वधर्म:, विगुण:, परधर्मात्, स्वनुष्ठितात्स्वधर्मे, निधनम्, श्रेय:, परधर्म:, भयावह:॥ …
Bhagavad Gita 16.5
Hindi Commentary By Swami Ramsukhdas 16.5।।व्याख्या--'दैवी सम्पद्विमोक्षाय'--मेरेको भगवान्की तरफ ही चलना है -- यह भाव साधकमें जितना स्पष्टरूपसे आ जाता है, उतना ही वह भगवान्के सम्मुख हो जाता है। …
Life Lessons from Swami Atmasthananda
Saintly vibrations When he was a Vice President of the Order, Swami Atmasthananda Maharaj once came to Rajkot. He was usually accommodated in a room upstairs. But for this visit arrangements had …
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Bhagavad Gita 16.4
Hindi Commentary By Swami Ramsukhdas ।।16.4।। व्याख्या -- दम्भः -- मान? बड़ाई? पूजा? ख्याति आदि प्राप्त करनेके लिये? अपनी वैसी स्थिति न होनेपर भी वैसी स्थिति दिखानेका नाम …
BG 3.30 मयि सर्वाणि कर्माणि
मयि सर्वाणि कर्माणि संन्यस्याध्यात्मचेतसा ।निराशीर्निर्ममो भूत्वा युध्यस्व विगतज्वरः ॥30॥ मयि, सर्वाणि, कर्माणि, सन्न्यस्य, अध्यात्मचेतसा,निराशी:, निर्मम:, भूत्वा, युध्यस्व, विगतज्वर:॥ …