Hindi Commentary By Swami Ramsukhdas ।।15.9।। व्याख्या -- अधिष्ठाय मनश्चायम् -- मनमें अनेक प्रकारके (अच्छेबुरे) संकल्पविकल्प होते रहते हैं। इनसे स्वयं की स्थितिमें कोई …
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Parmenides
Parmenides of Elea was a Presocratic Greek philosopher. As the first philosopher to inquire into the nature of existence itself, he is incontrovertibly credited as the “Father of Metaphysics.” As the …
BG 2.68 तस्माद्यस्य महाबाहो
तस्माद्यस्य महाबाहो निगृहीतानि सर्वशः ।इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता ॥68॥ तस्मात्, यस्य, महाबाहो, निगृहीतानि, सर्वश:,इन्द्रियाणि, इन्द्रियार्थेभ्य:, तस्य, प्रज्ञा, …
BG 2.62-63 ध्यायतो विषयान्पुंसः
ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते ।सङ्गात्सञ्जायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते ॥ २-६२॥क्रोधाद्भवति सम्मोहः सम्मोहात्स्मृतिविभ्रमः ।स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति ॥ …
“Mother, if you bring me here again, I shall come.”
In March 1881 Holy Mother travelled to Dakshineswar (Fifth Visit) from Jayrambati with her mother, her brother Prasanna, her niece Lakshmi, and some neighbours. They travelled via Telo-Bhelo. On the …
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Bhagavad Gita 15.8
Hindi Commentary By Swami Ramsukhdas ।।15.8।। व्याख्या -- वायुर्गन्धानिवाशयात् -- जिस प्रकार वायु इत्रके फोहेसे गन्ध ले जाती है किन्तु वह गन्ध स्थायीरूपसे वायुमें नहीं …